गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ
बलिदानो का सपना जब सच हुआ देश तभी आज़ाद हुआ आज सलाम करे उन वीरों को जिनकी शहादत से ये भारत गणतंत्र हुआ। आज हमारा 75 वाँ गणतंत्र दिवस हैं, ये हमारा राष्ट्रीय त्यौहार हैं | जिसकी Feeling हमें सुबह उठते से ही आ जाती हैं ।हमारे सामने ही police थाना हैं ‘ जिसमे सुबह से ही full volume में राष्ट्रभक्ति के गीत चल रहे हैं | जिन्हें सुनने से ही जोश भर जाता हैं |


आज सुबह से घना कोहरा है शायद इस मौसम का सबसे घना कोहरा, ठंड भी बहुत है | आज के कार्यक्रम कैसे होगे ? मै फटाफट काम करके नहाकर पूजा करके तैयार हो गई ।आज के कार्यक्रम Amphitheater में 10 बजे से हैं ।10 बजे थोड़ी-थोड़ी धूप आने लगी हैं ,जरा सुकून आया ! 10:30 बजे मैं Amphitheater पहुंच गईं flag hosting हो रही थी । फिर तो एक से बढ़कर एक कार्यक्रम हुए dance, song, play, बहुत कुछ हुआ ,बीच में चाय भी आ गई।

ठंड में गरमागरम चाय का मज़ा ही कुछ और है ।कब दोपहर के एक बज गये पता ही नहीं चला ।snacks लिए ,15 मिनट धूप में खड़े रहें गपशप हो रही थी पर ज्यादा time नहीं था क्योकि खाना भी बनाना था इसीलिए जल्दी आकर फटाफट खाना बनाने में लग गई | कढ़ी, चावल ,बथुआ की भाजी ,चपाती बनाई फिर हमने सैम बहादुर पिक्चर देखी।

आज बहुत मजे से दिन बिताया ,आज का दिन मेरे लिए सदा ही विशेष रहा है | क्योकि आज के दिन में और राम पहली बार मिले थे | वो भी एक बड़ा ही दिलचस्प दिन था ।राम हमेशा कहते थे की हमें अपनी शादी की सालगिरह 16 जून को नहीं 26 January को मनाना चाहिए | आज मैं और मोहनीश ही घर पर हैं | दिगन्तरा और अरुणिमा बहन के पास गये है ।डोना बाहर हैं, सभी को miss कर रहें हैं ।

हमने रात को भी बहुत अच्छे कार्यक्रम देखे अब रात ठंढी होती जा रही हैं और कोहरा बढ़ता जा रहा हैं । सुबह देखते हैं की मौसम कैसा रहता हैं | 20 दिन बाद आज थोड़े से सूर्य दर्शन हुए थे ,अन्यथा हम सभी तरस गये हैं एक उजले दिन को देखने के लिए लग रहा हैं ,जैसे हम Ice Age में पहुंच गये हो

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