रक्षाबंधन
तो आज प्यार की डोर से बंधा , रिश्तो की पवित्रता लिए रक्षाबंधन का त्यौहार आ गया | आज इस त्यौहार की बात ही कुछ और हैं | आज वो प्यारी छोटी सी गुड़िया एकदम बड़ी हो गई | शादी के बाद पहली बार डोना पूरी तरह तैयार होकर साड़ी पहिन कर जब राखी बांधने आई तो जैसे आँखें पलकें झपकाना भूल गई बहुत ही सुन्दर लग रही थी |


भाई का बार -बार कहना की डोना को पहचान ही नहीं पा रहे है | उन दोनों की छेड़छाड़ चलती रही |
इन दोनों में बहुत अधिक प्यार है | भाई तो जैसे एक पिता का रूप हैं | जो हर समय उसके साथ है | हर साल बहुत ही खुशनुमा माहौल में रक्षाबंधन होता है | और इस साल तो बहुत खास रक्षाबंधन हैं | क्योकि आज बेटी के साथ दामाद भी हैं |


दोपहर में हम सभी अखिलेश के घर गये | डोना उन्हें भी राखी बांधती हैं | अखिलेश एक बड़े भाई के रूप में मिले शायद पिछले जन्म का कोई रिश्ता होगा जो इस जन्म में पूरा हुआ हैं | वही पर lunch किया बहुत शानदार खाना बनाया था |


दाल -बाटी चूरमा आदि बनाया था जूही नें | जूही बहुत ही प्यारी हैं | वो भी हमारा ही परिवार हैं | जो एक बड़े भाई – भाभी के कर्तव्य होते हैं | उन्होंने बड़ी ही कुशलता और अपनेपन से निभाया हैं |


फिर शाम को विद्याभूषण की बहन आयी थी राखी बांधने | दिन जैसे खुशियों से भर गया था | डोना ने आपने भाई – भाभी के लिए बहुत ही प्यारी राखी बाँधी थी | साथ ही हम तीनो के लिए note लिखे थे जो बहुत ही touching थे |





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