आज मेरे प्यारे बेटे का जन्मदिन हैं। दो साल से मैं उसके पास नहीं थी। आज का दिन हमारे लिए सदा ही सुखद रहा है। उसके बचपन के दिन ,बहुत ही प्यारा भोला सा ?बेटा जिसने मुझे कभी भी परेशान नहीं किया। हर समय घूमने की जिद करना, बहुत पसंद से उबली लौकी, आलू खाना । गेंद और मोटर चलाना, किताबे देखना ये उसकी रुचिया थी।
उसका एक बड़ा ही मजेदार शौक था ।पान खाने के लिए पापा के ओठों को चाटना ।दूध देखकर गुस्से से डांटना और शीशी / कटोरी को पूरी ताकत से दूर फेंकना । किस देने का इशारा करने पर बिना आवाज के किस देना । ये सभी जिद व ढेरों लुभावनी हरकतें आज भी याद है। नही किती का वश चल पाता, मेरी जिंद के आगे !
बच्चे देखते -देखते कितने बड़े हो जाते यह एहसास ही नही होता मेरे लिए तो ये आज भी उतना ही छोटा हैं। उसका आज भी अपनी छोटी से छोटी चीज़ों को बताना , हँसी मजाक करना ।उसमें आजतक कोई बदलाव नहीं आया है। परमपिता से बस यही प्रार्थना है की मेरे बच्चों को वो सब ख़ुशियाँ और प्यार मिले जिसके वो हकदार हैं ।मोहनीष तो मेरे लिए एक फरिश्ता बनकर आया है। मैंने तो कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि मेरे भविष्य में क्या है। पर बेटे ने सभी कठनाईयो से पार कर दिया। वो विल्कुल अपने पापा की तरह है।हुबहू वैसी सोच, समझदारी रखना ,:सबसे प्यार से रहना और भी ढेर सारी खूबियों से। भरा हैं मेरा बेटा दिल से :—> जन्मदिन की मुबारक तुम्हें, दिल से हजारों दुआए तुम्हें , हँसते मुस्कुराते तुम्हारा हर पल गुजरे ये प्यार भरा पैगाम तुम्हें तुम्हारी, हर ख़्वाहिश पूरी हो गमों से कोसों की दूरी हो,आँखों में हमेशा ख़ुशियों की चमक हो, चाँद-सितारे तुम्हारे रास्ते की रौनक हो । हजारों साल तुम अपना जन्मदिन मनाओ और जवानी हर साल तुम्हारी दिवानी हो । तुम्हारी माँ