आज मेरी दूसरी बेटी का जन्मदिन हैं. जो मुझे 3 मार्च 2020 में मिली। ये भी एक इत्तफ़ाक़ है कि कोई भी मेरी इस बेटी को मेरी बहु नही मेरी बेटी कहता है। ” अरुणिमा ” ने एक बहु से ज्यादा एक बेटी का ROLL निभाया है वह मेरी बहुत सी आदतों को समझने लगी है। मेरा बहुत ध्यान रखती है। जो मुझे एक सुकून देता है। बेटे की शादी के पहले से ही में सबको यही कहती थी कि देखना एक बात तो हैं, मुझे बहु बहुत अच्छी मिलेगी और ,ईश्वर की बनाई हुई इस “कायनात “ ने मेरी मुँह माँगी मुराद पूरी कर दी। उस परवरदिगार का तहे दिल से शुक्रिया। जिसने मुझे एक प्यारी सी बेटी ( बहु ) के रूप में दी हैं। फिर उसने हमें एक नन्ही परी ” दिगन्तरा ” दी जिसके आने से घर फिर महक उठा उसकी अठखेलियाँ, नटखटपन, देख -देख कर जैसे हम सबका बचपन फिर से वापिस आ गया हो। अरूणिमा एक प्यारी पत्नि, बहु, बेटी, माँ के रूप में आज हम सबके बीच है। इसके लिए तुम्हे बहुत सारा प्यार और आर्शिवाद तुम हर साल अपना जन्मदिन बड़ी शानशौकत और प्यार से मनाओ यही हमारी सुभकामना है।
रुतबा ये मेरे घर को, तेरे दर से मिला है।
हलाकि मुझे सर भी, मेरे दर से मिला है।
और को जो मिला मुक़द्दर से मिला है। हमको जो मिला है,