सितम्बर का महीना सभी त्यौहारों की शुरुआत हैं | 2 सितम्बर को हम पन्ना से घूम कर वापिस आ गए | पहले 6 तारीख़ को गणेश चतुर्थी आई बहुत सुंदर ढंग से पूरे 10 दिन गणेश पूजा हुई| साल में एक बार ही हम घर पर मोदक बनाते हैं। जिसकी याद और स्वाद साल भर रहता है यह उसकी कृपा है की उनकी वजह से हम इस प्रथा को बनाये हुए हैं ।इस प्रकार 10 दिन कब निकल जाते हैं पता नहीं चलता इस समय अरुणिमा भी अपने घर गई हुई है। क्योंकि 7 सितम्बर अमवस्या को अरुणिमा के घर भैरवी पूजा रखी है। इस पूजा का आकर्षण बेहद खूबसूरत हैं। भैरवी पूजा के मंत्र, संगीत, फूलों की खुशबू घर का वातावरण अध्यात्म से भर देता है।साथ ही हवन भी होता है। पूरा घर मंत्रित किया जाता है। इस बार पूजा में डोना भी है। डोना के रहते यह पूजा हुई शायद ये मौका आगे उसे मिले ना मिलें। फिर 17 सितम्बर को डोना आयरलैंड चली गई। 22 सितम्बर से नवदुर्गा शुरू हो रही है। बड़े ही पवित्र दिनो की शुरुआत हैं। इस बार नवदुर्गा का एक दिन और बढ़ गया है। अच्छा है ना आपको साधना के लिए एक दिन और मिला गया है। इन दिनों में दुर्गासप्तमी, हवन, भजन सभी एक साथ चलता है ।दिवाली मेला लगता हैं । चोकी ,गरवा का कार्यक्रम होता हैं पता ही नही चलता की दिन कब निकल जाते हैं। उसकी ऐसी ही कृपा है।