देव उठनी एकादशी से नवम्बर का महिना शुरू हुआ हैं। जो बड़ी शुभता लाने वाला है। आज शाम तुलसी विवाह होना हैं | जिसकी सभी तैयारी कर ली है। आज अरु को fever आ गया है। अतः वह पूजा नहीं कर पा रही है। कोई बात नहीं हम सबने मिलकर पूजा कर ली। अब सभी पूजा पाठ अच्छे से हो गये | अब आगे बाहर आना-जाना शुरू हो जायेगा। इस साल दिगन्तरा थोड़ा बड़ी हो गई है। अतः मम्मी ने 14 नवंबर को children day celebrate किया उसका doll house सुंदर ढंग से सजाया है। आज सभी बच्चे बन गये थे। सुबह मेरी योगा क्लास में सौरभ बोथरा भी बिलकुल बच्चा बनकर आया था और हमने छोटे बच्चो जैसे बाल गीत पर बहुत डांस किया। फिर 14 नवम्बर को बेटे की शादी पक्की होने की सालगिरह है। आज वह भी बहुत अच्छे ढंग से केक काटकर मनाया और शाम को घूमने गये ।पुरानी फोटो को मिलकर देखा और उन दिनों की याद फिर से ताज़ा की ।
9-10 नवंबर से मेरे सीधे हाथ में दर्द होना शुरू हुआ है। डॉ को दिखाया कुछ ज्यादा काम, वजन उठाने की वजह बताया कुछ दवाई और सेकने के लिए कहा है। दीपावली की साफ-सफाई और ज्यादा काम की वजह से यह दर्द हो रहा है। कुछ ज्यादा ही तकलीफ है। देखते हैं आगे कैसा रहता है।
आज यहाँ बहुत pollution है। लगता हम सभी एक gas chamber में रह रहें है | कभी कभी लगता है कि अभी तक हम कैसे साँस ले पा रहे हैं | जिंदा हैं यह भी बहुत हैं ।लगता है यहाँ से बहुत दूर जाकर बस जाए जहाँ कम से कम स्वच्छ हवा, खुला आसमान तो हो | जहाँ हम मौसम को देखकर खुश तो हो पाए और दिल से प्रकृति को धन्यवाद दे पाए ।
इसलिए अधिकतर हम लोग जंगलों की तरफ घूमने जाते रहते है। अब इस बार हम Kuno National park घूमने जा रहे है।
Kuno National Park: एक National park & wildlife Sanctuary है जो Gwalior chambal Region मध्य प्रदेश में हैं | यहाँ घने जंगल है कुछ साल पहले कुछ चीतों को Africa, Kardhai, Khair & Salai, Numbia से लाया गया है। यहां leopards, sloth bears, hyenas और बहुत ही Bird species है |
Kuno National Park एक ornament है। Vindhyan Hills और Kuno River के बीच में इसे Kuno, इसी नदी के नाम से मिला है |
29 नवम्बर को हम सुबह 6 बजे outing तो लिए श्योपुर के लिये निकल पड़े यहाँ हम Kuno Forest Retreat मे रुके बिल्कुल शहर से दूर, चारो तरफ पीली सरसो खिली हुई है। इस समय यहाँ हम अकेले हैं। इस जगह हमारा बहुत सुंदर ढंग से Welcome हुआ। अभी यहाँ के बारे में ज्यादा लोगो को पता नहीं है। इसलिए अभी यहाँ कोई नहीं है।
शाम को जंगल सफारी की ।आज यहाँ बहुत ठंड है। डिनर करके star gazing की । पहली बार आकाश में तारों का अद्भुत संसार देखा ।दूसरे दिन सुबह भी जंगल सफारी की । वो सुबह की बेहद ठंड चारों तरफ पीली सरसों के खेत हमने पहली बार इतने सरसों के खेत एक साथ देखे हैं। इस जगह को “सरसो की हांडी” कहते है। जब जंगल के अंदर गये तो हल्का सा कोहरा, पंछियों की चहचहाट, जानवरो का हमकोदेखकर भागना अलग ही दिल को सुकून पहुँचा रहा था। सुबह निकलते सूरज की सिंदूरी छटा सफारी को और खुशनुमा बना रही थी। दोपहर में पूरा Retreat घूमा शाम को Bonfire था साथ ही प्राइवेट सिंगर program था | वो ठंडी रात आग के चारो तरफ गानों की स्वर लहरी गिटार की धुन माहौल को बड़ा रोमांटिक बना रहा था | फिर रात 10 बजे डिनर किया इतने बड़े डिनर होटल में हम 4 लोग ही थे। हमारे लिए स्पेशल खाना बना ।बड़े मज़े से दिन बीता | तीसरे दिन सुबह yoga class ली एक Documantry देखी |
इस प्रकार पूरा नवंबर बड़ा व्यस्त, घूमने, मजे करने मे बीता | कई बार हम सोचते नही है। पर सब कुछ अच्छा होता जाता है। कैसे सब मैनेज होता है कौन ये सब कर रहा है। ये सब उस असीम कृपा करने वाले के हाथ में है।