माँ के लिए मैं क्या लिखू , माँ ने तो खुद मुझे लिखा है। …
मों से छोटा कोई शब्द हो तो बताओ , मों से बड़ा भी कोई हो तो बताओ। …
लोग कहते हैं की आज माँ का दिन हैं, वो कौनसा दिन है जो माँ के बिना हैं।
मौत के लिए तो वहुत रास्ते हैं, पर जन्म लेने के लिए केवल माँ ही है-
अपनी माँ को हमने कई रूपों में देखा हैं। सभी रूप बहुत ही ज्ञानवर्धक ।हमेशा हम सभी भाई-बहनों को हर काम के लिए प्रोत्साहित करना। उनकी मेहनत से आज हम भी अच्छी माँ बन पाए उनकी खूबियों बेशुमार । आज का दिन बड़ी खुशियों से शुरू हुआ । प्यारी बेटी ने घर बहुत सुन्दर ढंग से सजाया है। flowers , Gift, Cake बहुत कुछ है आज ।
ये सब कुछ मुझे बड़े ग़र्व से भर देता है। सभी बच्चे मुझे बहुत प्यार, सम्मान देते हैं। उन्हें माँ का सही अर्थ पत्ता है। मैं भी इनके लिए हमेसा एक गुरु, एक दोस्त हूँ । मैं उन्हें अच्छी तरह से रख पा रही हूँ यह मेरा सौभाग्य हैं। मैंने अपनी भूमिक बहुत अच्छी तरह निभाई। इस समय घर में दो माँ है। अरुणिमा भी एक प्यारी सी माँ हैं। इस घर में माँ के रूप को हमेशा पूजा गया है और होना भी यही चाहिए। उसकी करुणा, कृपा हमेशा बनी रहती हैं। आप धन-धान्य से भरे होते है। हम सभी हमेशा उसकी छत्र-छाया में रहें। बस यही प्रार्थना है। कहीं हम गलत हो तो हमारा हाथ पकड़ कर सही रास्ते पर ले आना आपको ऐसे ही माँ नहीं कहते।
Dear mom
Ghutne pe rengti rengti na jane kb khadi ho gayi… na jane kb teri aksh ho gayi… kitni bhi mein badi ho jao but hmesha mummy ka bacha kehlaongi. Log kehte hain maa ki tarah dikhtihu par yakeen mano mein aj bhi maa ki tarah banna chahti hu… jis rishte ko Lafjon m byan nahi kiya jaa sakta maa tum wo khusiyon kaa aanchal ho…..