July 12, 2023

वह प्रेममयी है – 2

29/04/84

आज मैंने वजन नापा 65 kg है, ठीक 20 kg बढ़ गया है| अतः यह जानकर बहुत डर लग रहा है | इस समय मैं बहुत घबराई हुई हूँ, कुछ भी सूझ नहीं रहा बस इस वक्त तो उस प्रभु का ही सहारा है देखो आगे क्या होता हैं | ईश्वर करे सब अच्छी तरह से हो, बस हम हाथ जोड़कर ऊपर वाले से यही प्रार्थना है, की प्रभु हम तेरे बच्चे हैं हमे इस स्थिति से उबार, हमे सकुशल पार निकाल ।

06/05/84

दो तीन दिन से मन एक गहन उदासी लिए हुए है| बार बार आँखे भर आती है| आज ईश्वरम्मा दिवस है, सुबह 4 बजे पापा सुप्रभातम में गये| शादी के पहले मैं भी पापा के साथ हमेशा सुप्रभातम में जाया करती थी| पर इस बार चाहकर भी नहीं जा पाई | आज में भी बिल्कुल सुस्त हूँ, पैरों में असहनीय दर्द है तथा पेट में बहुत भारीपन है, बस लेटी हूँ| अब देखो ईश्वर मेरी कब सुनता है।

07/05/84

आज 10:30 पर मै और मम्मी जी Hospital गए Dr. sexena को दिखाया उन्होंने बताया की बस 1-2 दिन में डिलेवरी हो जाएगी सभी कुछ normal है | मै व मम्मी जी सुनकर बहुत खुश हुए की चलो जल्दी फुरसत हो।
उसके बाद डॉ जोहरी अंकल मिल गए उन्हे भी दिखा दिया उन्होंने मुझे 3rd A.T.S का Injection लगवा दिया तथा मेरा वजन बहुत बढ़ जाने की वजह से उन्होंने वजन कम करने के लिए exitol capsule लिख दिए फिर हम 12:30 पर घर आ गए| रास्ते भर मम्मी यही समझाती आई की तुम बिल्कुल फ़िकर मत करो यदि दिमाग में किसी बात का टेंशन रहा तो ठीक नहीं। बस तुम इस वक्त अपनी चिंता करो सब ईश्वर पर छोड़ दो।

पर delivery का सोच सोचकर दिल बहुत धक धक कर रहा था ।बहुत डर था ये भी पास नहीं नराजगी जो थी ।इनका कहना था की delivery buxwaha मे होगी पर मेरी ऐसी स्थिति नहीं थी ।पता था की घर पर मेरी सास अकेली है, और दूसरा कारण buxawaha बिल्कुल छोटा सा गाँव था इतनी सुविधा नहीं थी पर इनकी जिद तौबा-तौबा मैं तो समझाते – समझाते रोने लगती थी ।हम झगड़ते भी बहुत थे, इनका ये कहना की में सब कुछ कर लूँगा बस तुम मेरे पास रहो ।ये समझ नहीं पा रहे थे की delivery के साथ कितनी परेशानी आती है | बच्चु पता चल जाएगा, सब प्यार का फितूर उतर जाएगा। आज 8 मई है ।

कुशवाहा आंटी ने आज हमे शाम को चाट ,दही बड़े खाने को बुलाया हैं | हम बड़े खुश चटपटा खाने का मन तो मेरा होता ही था| मैं व मम्मी शाम 6 बजे उनके यहा गए। आंटी ने बहुत बढ़िया दही बड़े बनाये थे| मैंने जी भर कर खाए । 9 बजे घर आ गए सभी कुछ ठीक था अचानक रात 11 बजे मुझे हल्के-हल्के दर्द होने लगे मम्मी को उठाया मम्मी ने गर्म- गर्म कॉफ़ी बनाकर दी और रात 2.30 बजे हम hospital पहुँच गए वहाँ sister ने देखा और कहा अभी काफी समय है, राम राम करते सुबह हुई ।मेरे दर्द लगातार बढ़ते जा रहे थे| 2-3 बजे मेरी हालत एकदम खराब हो गई दर्द असहनीय हो गए थे| मम्मी डॉ को बार बार कह रही थी की injection दे दो, पर डॉ मना कर रही थी की बिटिया दर्द झेल नहीं पाएगी, injection लगाने से शायद दोनों में से कोई एक बचे। इसीलिए सब अपने समय पर होने दो इसी कारण delivery बेहद painful थी ।

To be continued………….

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *